Thursday, 2 January 2020

Sad Shayari

😌😔 Sad Shayari 😞😟



Hamari Dastan Use Kaha Kabul Thi
Meri Wafayen Uske Liye Fizool Thi
Koi Aas Nahi Lekin Itna Bata Do
Maine Chaha Use Kya Ye Meri Bhool thi


Sad Shayari


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Jab Milo Kisi Se
To Jara Door Ka Rishta Rakhna,
Bahut Tadpaate Hain
Aksar Seene Se Lagaane Waale.


Sad Shayari


जब मिलो किसी से
तो जरा दूर का रिश्ता रखना,
बहुत तङपाते है
अक्सर सीने से लगाने वाले।


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Sad Shayari


तन्हा मौसम है और उदास ‪‎रात‬ है
वो मिल के बिछड़ गये ये ‪‎कैसी मुलाक़ात‬ है,
दिल धड़क तो रहा है मगर ‎आवाज़‬ नही है,
वो धड़कन भी साथ ले गये ‎कितनी अजीब‬ बात है!



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Sad Shayari



क्या प्यार में सोचा था, क्या प्यार में पाया हैं,
तुझको मिलाने की चाहत में, खुद को मिटाया हैं,
इस पर भी कोई इलज़ाम, ना तुझ पर लगाया हैं
मेरी ही ख्वाईशो ने, आज मुझे अर्थी पर सुलाया हैं




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Sad Shayari



बात बात मे जो रुठ जाते हैं।
अनजाने मे उनसे हाथ छूठ जाते है।
कहते है बड़े कमजोर होते हैं प्यार के रिश्ते।
इसमे हँसते हँसते दिल टूट जते हैं।



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प्यार क्या होता है हम नहीं जानते
अपनी ही ज़िंदगी को हम अपना नहीं मानते
गम इतना मिला है के अब एहसास नहीं होता
प्यार कोई करे हमसे तो हमें विश्वास नहीं होता ।।



Pyar Kya Hota Hai Ham Nahi Jante.
Apni Hi Zindagi Ko Ham Apna Nahi Mante.
Gam Itna Hai Ke Ab Ehsaas Nahi Hota.
Pyar Koi Kare Hamse To Hame Vishwas Nahi Hota.



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Sad Shayari


Aaj Phir Chai Ki Mez Par
Ek Hasrat Bichhi Rah Gayee,
Pyaliyon Ne To Lab Chhoo Liye
Ketlee Dekhtee Rah Gayee.


आज फिर चाय की मेज़ पर
एक हसरत बिछी रह गयी,
प्यालियों ने तो लब छू लिए
केतली देखती रह गयी।


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😎😏 Attitude Shayari 😎😏



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Sad Shayari



कहदो उन्हें…
के गरूर ना करें अपनी किस्मत पे इतना..

हम ने बारिश में भी घरों जलते को देखा हैं


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क्या प्यार में सोचा था, क्या प्यार में पाया हैं,
तुझको मिलाने की चाहत में, खुद को मिटाया हैं,
इस पर भी कोई इलज़ाम, ना तुझ पर लगाया हैं
मेरी ही ख्वाईशो ने, आज मुझे अर्थी पर सुलाया हैं



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Sad Shayari



बरसात होती हैं आँखों में जब याद तेरी आती हैं
बहुत रोता हैं ये दिल मेरा जब दूर तू जाती हैं |



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दिन गुजर जाते हैं, और हसरते रह जाती हैं..
यार हो जाते हैं जुदा, और आहठे रह जाती हैं

वफाये बिकती हैं यहाँ, नीलाम होते हैं वादे
घर की देहलीज़ पर बस उल्फ़ते रह जाती हैं

प्यार के नाम पर करते हैं फरेब, कुछ लोग
मोहब्बते मिट जाती हैं, नफरते रह जाती हैं

बिछड़ के भी नहीं जाती महक प्यार की कभी
कसक दिल में, बिस्तर में सलवटे रह जाती हैं

ज़िन्दगी से रूठ जाती हैं हर ख़ुशी
उम्र भर बेचैनी भरी कुछ करवटे रह जाती हैं|



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